“जब एक युवा नया सोचता है, तो पूरा समाज उसके खिलाफ क्यों हो जाता है?”
"हौसले की ऊंचाई: अरुणिमा सिन्हा की वो कहानी जिसने दुनिया को हिला दिया " : “जब एक युवा नया सोचता है, तो पूरा समाज उसके खिलाफ क्यों हो जाता है?” लेखक: तुम्हारी आवाज़ #YuvaKiSoch #SocietyKeTane #NayiSochKaSafar #YouthVsSociety --- भूमिका : कहते हैं – > “जो कुछ अलग करता है, वही इतिहास बनाता है।” पर जब एक युवा कुछ अलग करने की सोचता है, तो सबसे पहले उसे सपोर्ट नहीं, ताना मिलता है। उसके हौंसलों को उड़ान नहीं, शक मिलता है। और उसके आइडिया को encouragement नहीं, उलाहने मिलते हैं। --- भाग 1: सपनों की शुरुआत और समाज का पहला ताना "मैं कुछ नया करना चाहता हूँ..." बस इतना कहते ही समाज का जवाब: "तू कौन सा अंबानी है?" "इतना बड़ा सपना? कुछ छोटा सोच!" "पहले नौकरी ढूंढ, फिर सपने देख!" जब युवा सोचता है, तो समाज हँसता है। जब वो कोशिश करता है, तो लोग मज़ाक उड़ाते हैं। और जब वो गिरता है, तो लोग कहते हैं – देखा! बोला था ना। --- भाग 2: रिश्तेदारों और पड़ोसियों की अदालत > "बेटा कुछ करता क्यों नहीं?" "अभी तक फेल ही चल रहा है क्या?" "...