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Title: आज की दोस्ती vs पुराने ज़माने की दोस्ती – क्या बदल गया है सब कुछ?

Title: आज की दोस्ती vs पुराने ज़माने की दोस्ती – क्या बदल गया है सब कुछ? इंट्रोडक्शन: कभी सोचा है कि हमारे दादा-दादी की दोस्ती और आज के हमारे दोस्ती में क्या फ़र्क है? पहले दोस्ती सच्ची होती थी, आज 'स्नैपचैट स्ट्रीक्स' में बदल गई है। लेकिन क्या सच में सब कुछ बदल गया है या बस ज़माना बदल गया है? आइए इस ब्लॉग में समझते हैं – आज की दोस्ती और पुराने ज़माने की दोस्ती में फर्क और आज के युवाओं को क्या सीखने की ज़रूरत है। --- 1. पुराने ज़माने की दोस्ती – दिल से दिल तक : दोस्ती का मतलब था – भरोसा, साथ और बिना मतलब की बातों में खुश रहना। एक-दूसरे के लिए वक़्त देना, बिना किसी स्वार्थ के। खतों, मिलकर बैठने और गप्पें मारने का दौर था। कम दोस्त, लेकिन जान देने वाले होते थे। --- 2. आज की दोस्ती – डिजिटल और इंस्टेंट: व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, और फेसबुक पर चैटिंग ही दोस्ती का नया रूप बन गया है। 'ऑनलाइन हो लेकिन रिप्लाई नहीं दिया' जैसी बातें रिश्ते खराब कर देती हैं। दोस्ती में FOMO (Fear of Missing Out), ईगो और दिखावे ने जगह ले ली है। बहुत सारे दोस्त, लेकिन अकेलापन फिर भी साथ है। --- 3. क्यो...